STORYMIRROR

V. Aaradhyaa

Inspirational

4  

V. Aaradhyaa

Inspirational

वसुधा पर मनुजता को पनपाना है

वसुधा पर मनुजता को पनपाना है

1 min
7


अब श्री राम का शुभागमन हो गया ,

      तो अब मिल कर भारत को भव्य बनाना है !


नित पथ कर्तव्य पर बढ़ते जाना ,

       सार्थक सत्य कर्म का सुमन बरसाना है !


भक्ति शक्ति से प्रतापी अद्भुत बनकर ,

      सुरसरि का एक अनुपम सृजन बनाना है !


प्रखर प्रज्ञा की दिव्य प्रतिभा से,

     इस वसुधा पर मनुजता को पनपाना है !



राष्ट्र के कण - कण को आलोकित करने,

     दिव्य प्रकाश पुंज अब सर्वत्र लहराना है !


क्षुद्र वासना और स्वार्थ का त्याग कर,

     कर उत्थान राष्ट्र का इसे और आगे बढ़ाना है !



पवन पुत्रों ज़रा शक्ति अपनी पहचानो ,

     अब ईर्ष्या द्वेष और कुंठा की लंका जलाना है !


केवट व शबरी को जैसे उद्धारे राम ने,

     हमें भी वैसे ही दीन दुखियों को गले लगाना है !


रोम रोम में राम नाम का अलख जलाकर,

    शौर्य पराक्रम से पाषाणों में प्रसून खिलाना है !


विश्वास के दीप जलाकर अपने राघव को,

      समस्त राजाओं का सबसे श्रेष्ठ राजा बनाना है !


सदियां बीतीं और कई युग बदला, अब ,

    भारत के गौरवशाली इतिहास को में लाना है !


दैहिक दैविक भौतिक ताप मिटा कर,

     पुनः राजस्व श्री रामचंद्र जी का लाना है !




Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational