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Puru Sharma

Abstract

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Puru Sharma

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वसंत

वसंत

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एक पहाड़

लदा है

मेरे कंधे पर


एक झील

धंसी है

तुम्हारी आँखों में


दबे पांव

उजास हाथ में लिए

हमारे पास


आया है वसंत

हमारे दुख सोखने

हमारे आँसू पोंछने।


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