STORYMIRROR

Anita Sharma

Abstract Inspirational

4  

Anita Sharma

Abstract Inspirational

वक़्त नहीं थमता

वक़्त नहीं थमता

1 min
268

वक़्त को थामने की कोशिश न कर,

वक़्त रेत सा फिसलता जायेगा


समझ ले तू मोहरा है वक़्त के हाथ का,

संभल जा वक़्त रहते नहीं तो पछतायेगा


ना बर्बाद कर वक़्त कीमती है बहुत,

कब तक भाग्य भरोसे चलता जाएगा


कर्मो के ही बल ज़िन्दगी सफल है,

वक़्त के साथ चल सब संभल जाएगा


तेरी पहचान तेरे अपने कुनबे से है,

भरोसा परायों पर जो करता जाएगा


कौन दोस्त के भेस में छुपाये खंजर खड़ा,

जानेगा उस वक़्त जब तू छला जाएगा


वक़्त रहते वक़्त की अहमियत को समझ,

वरना वक़्त भी तुझको कहीं न नज़र आएगा


खामख्वाह ही शिकायतें वक़्त की करता है तू,

बस तेरा कर्म ही तेरा अच्छा वक़्त लाएगा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract