वो नारी कहलाती है
वो नारी कहलाती है
शब्द भी काम पड़े जिसकी तारीफ में
वो नारी कहलाती हैं।
हर जगह अपनी एक नई पहचान बनाती है।।
उसके जैसा कोई नहीं, ममता की वो खान है।
हर घर की शान, हर देश का स्वाभिमान हैं ।।
न समझो कमजोर इन्हें, यह झांसी की रानी है।
घोर अनर्थ को खत्म करने,काली बन ठानी है।।
तोहिम करने वालो को मुंह तोड़ जवाब देती है ।
सम्मान देने वालों की इज्जत
मरते दम तक संभाल कर रखती है।।
