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Tavishi Devrani

Children Stories Inspirational

4  

Tavishi Devrani

Children Stories Inspirational

मेरे पापा

मेरे पापा

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जिंदगी की दौड़ में हाथ पकड़कर चलना सिखाया है 


भीड़ से अलग होकर जीना सिखाया है


 थोड़ी देर के लिए भी दूर जाती हूं

तो झट से वापस आ जाती हूं 

जब पापा के साथ होती हूं तो बहुत झगड़ती हूँ

 पर उनके बिना रह भी नहीं सकती हूं


 प्यार तो बहुत करते हैं 

फिर चाहे बोल नहीं पाते

हर एक चीज को बिन बोले झट से समझ जाते है

 मेरी हर परेशानी को अपना दुख समझ कर फट से भगाते हैं

जीवन के हर मोड़ पर विश्वास जताते हैं 

मेरी कहानियों के बीच अपने बचपन के किस्से सुनाते हैं


बिन मांगे सब कुछ ले आते हैं 

मेरी छोटी से छोटी चीज को पूरा कर देते हैं 

व्यस्त हो कर भी मेरे लिए समय निकालते हैं 

खुद चाहे कितने भी दुखी हो मुझे चैन की नींद सुलाते हैं 

कभी-कभी माँ व्यस्त हो तो खाना भी बना लेते हैं 

ना जाने कितनी बातों को दिल में ही छुपा लेते हैं

थके होने पर भी मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट ला देते है

हर चीज पार बटर लगाकर पटा लेते है

आपके प्यार से बढ़कर कोई प्यार नहीं हो सकते

आपके बिना एक पल भी बिताया नही जा ससकता



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