STORYMIRROR

Salil Saroj

Abstract

3  

Salil Saroj

Abstract

वो कौन है जो मेरे.....

वो कौन है जो मेरे.....

1 min
303

वो कौन है जो मेरे गुनाहों पर पर्दा डाल देता है

और मेरे गुनहगार होने का डर निकाल देता है।


बताओ, कैसे आदतें ये अपनी काबू में आएँगीं 

वो तो रोज़ कोई नया सिक्का उछाल देता है। 


मैं कोशिश में हूँ कि कोई तो मीनार बच जाए

हवा जब चले तेज़ तो हाथ में वो मशाल देता है। 


अगर मिले मुझे जवाब तो मैं शान्त हो जाऊँ 

वो मज़िल के करीब लाकर नया सवाल देता है। 


मैं उस की गली में जाना कब का छोड़ देता 

वो मेरी आँखों को तराशा हुआ जमाल देता है।  


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract