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Prashant Beybaar

Abstract Classics Others

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Prashant Beybaar

Abstract Classics Others

वो बीगों के खेत और आँगन-ओ-बैठक

वो बीगों के खेत और आँगन-ओ-बैठक

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वो बीगों के खेत और आँगन-ओ-बैठक

अब सिमट चुके हैं छोटी सी स्क्रीन पे आकर


पीपल के नीचे वाले चबूतरे अब राह ताक रहे हैं

मेरे फ़ेसबुक की खिड़की से ये कौन झाँक रहे।


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