वो बीगों के खेत और आँगन-ओ-बैठक
वो बीगों के खेत और आँगन-ओ-बैठक
वो बीगों के खेत और आँगन-ओ-बैठक
अब सिमट चुके हैं छोटी सी स्क्रीन पे आकर
पीपल के नीचे वाले चबूतरे अब राह ताक रहे हैं
मेरे फ़ेसबुक की खिड़की से ये कौन झाँक रहे।
