STORYMIRROR

my writing world

Fantasy

4  

my writing world

Fantasy

वक़्त ना हंसाता है

वक़्त ना हंसाता है

1 min
22

वक़्त ना हंसाता है

ना वक़्त रुलाता है 


वक़्त हालात कैसे भी हो 

मजबूत रहना सिखाता 


वक़्त खुद को जानना सिखाता 

वक़्त थपेड़ों मे संभलना सिखाया


 वक़्त कुछ कहता नहीं 

 पर जीवन मे सभी से वक़्त मिलाता।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy