विविध में एकता
विविध में एकता
यह मेरा इंडिया है
यह मेरा भारत है
जिसे हम कहते हैं मां
जिसे हम प्यार करते हैं अपनी जन्म दात्री मां के तरह
इंडिया, मेरी मां बहुत शांत स्वभाव की है
जो किसी की पीठ पीछे बुराई नहीं करते
और अगर कोई इसकी पीठ पीछे बुराई करना चाहे
और करें तो यह मेरे शांत स्वभाव की मां उसे जिंदा नहीं छोड़ते हैं।
यह मेरी मां है जो अपनी गोद में पाला है
एक साथ हिंदू मुस्लिम क्रिश्चियन बौद्ध और जैन।
बहुत सारी भगवान, अल्लाह, गॉड गुरु, देव की पूजा होती है हर रोज हमारी इंडिया में
कहीं पर जलाया जाता है दिया तो कहीं पर मोमबत्ती
कोई चढ़ाता है पूजा में नारियल तो कोई खिचड़ी और कोई केक।
कोई देश के लिए देता है जान
तो कोई देश के लिए खो देते अपनी बेटा अपनी पोता और अपने पति।
छोटी बच्ची जन्म के बाद बाप को नहीं देख पाती
दी है अपने बापू का खून लगा हुआ तिरंगा से ढकी हुई वह शरीर।
जो उन्होंने कभी छू कर नहीं देखा जो उन्होंने कभी बापू का प्यार नहीं समझा।
हां ऐसा ही है हमारा इंडिया।
हर रोज बहुत सारी बच्चे जन्म लेते है जन्म
सर्टिफिकेट पर लिखा जाता है अपना अपना नाम अपना अपना जाति अपना अपना धर्म
पर उसे क्या पता जन्म लेने के बाद ही उसका परिचय एक ही सर्वोत्तम है कि
वह भारतीय है वह भारत माता की बच्ची है।
बूढ़े मां बाप मर जाने के बाद कोई देता है उसको मिट्टी पर गाड़ देते हैं
तो कोई जला देती है आग से जिसे कहते हैं अंतिम संस्कार
और कोई देते हैं उसको एक प्यारी सी कॉफिन।
एक धर्म का अलग अलग नियम है।
अलग-अलग धर्म को लेकर भी गठित हुई है इंडिया।
जैसे की रामधनु दिखाई जाती है साथ रंगों की।
जैसे रंगोली में दिखाई जाते बहुत सारे रंग।
वैसे इंडिया में ही बहुत सारे विविध है
पर वह विविध में है एकता।
हम सब एक हैं
हम सब भारतीय हैं
भारत के ऊपर हम लोग हमारा वचन निभाएंगे
तिरंगा को सम्मान करेंगे
एक दूसरे की जाति को सम्मान
करेंगे धर्म को सम्मान करेंगे
और हम एक रहेंगे यही है हमारी इंडिया वालों के बच्चन।
इसीलिए हम विविधा में एक हैं।
यह हमारा देश है
यह हमारा भारत है
यह हमारा प्यारा मंत्री भूमि है
जय हिंद
जय भारत।
