STORYMIRROR

Dipanshu Asri

Inspirational

4  

Dipanshu Asri

Inspirational

विश्वास

विश्वास

1 min
523

जोश अविरल बहता मन में

कुछ असंभव करके दिखाने को

सागर सा विश्वास परस्पर

अँधेरे में दीप जलाने को


है अधरों में कुछ प्यास अधूरी

सहज अमृत पीने का वर पाने को

कर्म सुकर्म हो जाए मेरे

इस धरती पर स्वर्ग को पाने को


निरंतर आगे बढ़ना है

कुछ उज्ज्वल पुण्य कमाने को

हैं अभिलाषा अपार इक मन में 

अपना जीवन सफल बनाने को।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational