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Sangeeta Ashok Kothari

Inspirational

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Sangeeta Ashok Kothari

Inspirational

विश्वास -रिश्ते की नींव

विश्वास -रिश्ते की नींव

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विश्वास बेहद नाजुक शीशे जैसा होता है,

टूट जाये तो आत्मा का हनन हो जाता है,


वर्षों का भरोसा पल का अतिथि होता है,

विश्वास क्षणभंगूर,एक पल में टूट जाता है


विश्वास की बुनियाद पर रिश्ता टिकता है,

नींव चरमराती जब विश्वास डगमगाता है,


विश्वास है तो आस है आस है तो रिश्ता है

दोस्ती या बंधन विश्वास बनाना पड़ता है,


विश्वास रिश्तों की नींव है,हरेक जानता है,

पर मानवीय प्रवृति से विश्वास अनजान है


विश्वास,यकीं है तो पत्थर भी भगवान है,

वरना इंसान प्रभु को भी प्रस्तर मानता है,


औलाद उत्तम ये माँ बाप का यकीं होता है

और कपूत निकलें तो भरोसा टूट जाता है।



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