STORYMIRROR

Monika Sharma "mann"

Abstract

4  

Monika Sharma "mann"

Abstract

विश्व और भारत

विश्व और भारत

1 min
293

हिंद ,हिंदू, हिंदुस्तान करे विश्व तुझे प्रणाम 

तेंतीस करोड़ देवता तेरी पहचान 

विश्व करे तुझे प्रणाम।


पशु पक्षियों को जो भगवान रूप में पूजते 

देते विधाता नाम करें विश्व तुझे प्रणाम। 

हिंदू ,मुस्लिम ,सिख ,ईसाई रहते हैं एक समान

कोई किसी का न दुश्मन यहाँ


यहाँ एकता का जो है प्रमाण करे विश्व तुझे प्रणाम। 

गीता ,बाइबल, गुरु ग्रंथ और कुरान जो है देश की

आन बान शान शिरोधार्य है इनका

इनका मान करें विश्व तुझे प्रणाम। 


अहिंसा सहिष्णुता का जहाँ नारा है 

लाल रंग खून का सभी में भाईचारा है 

ऐसे भारत भूमि को करें विश्व प्रणाम।


माता पिता की सेवा जहांँ करती

संतान पूजे पाषाणों को भी देकर

रूप भगवान करे विश्व तुझे प्रणाम। 


जब जगत त्रासदीयो से सताया जाएगा 

भारत के संस्कार ही विश्व अपना आएगा

आएगा आधुनिकता को छोड़ लेगा राम का नाम 

भारत की भूमि को करें विश्व कोटि-कोटि प्रणाम।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract