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Gagandeep Singh Bharara

Inspirational

4  

Gagandeep Singh Bharara

Inspirational

वीर

वीर

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वीर तुम अजीत हो,

वीर तुम अभीत हो,

दुश्मनों के सामने 

तुम, खड़े,

अडिग हो,


जो भेद दे, 

निशान को,

दुश्मनों के 

मान को,


रक्त की पुकार पे,

देश की गुहार पे,

आन और बान से,

मर मिटे जो,

शान से,


तुम वीर हो,

जहान के,

धडकनों में,

खाब में,

पल रहे हो तुम सदा,

अपनी अभिन,

पहचान से,


ये वक्त की पुकार है,

देश की गुहार है,

दुश्मनों को मात दो,

उनका सीना छान दो,


याद रखेगा

ज़माना,

तुम्हारे 

बलिदान को,


वीर तुम अभीत हो,

वीर तुम अजीत हो,

दुश्मनों के सामने 

तुम, सीना ताने हो।

तुम ही तो

सीना ताने हो।



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