STORYMIRROR

Pawan Kumar

Action

3  

Pawan Kumar

Action

वीर जवान

वीर जवान

1 min
284

छोड़ गए वो उस कागज़ को,

भेजा जिसमें प्यार का पैगाम था;

छिड़क के अपने खून की स्याही को,

प्यार वो अपना अमर कर गए।


चूम के धरा के होठ वो फ़ना हो गए,

बहा के लहू अपना धरा को वो सींच गए;

कर दी दूर सारी ग़लतफ़हमियां हमारी,

वतन पे होके कुर्बान वो सच्चा प्यार सिखा गए।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action