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Pawan Kumar

Others

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Pawan Kumar

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परिस्थिति

परिस्थिति

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वो काले बादल जो कभी घिरते थे,

मन मुश्किलात में पड़ जाते थे;

अम्मा दूर से आवाज़ लगाती,

कान की एंठन से छाले पड़ जाते थेl


कभी झमाझम तो कभी मुसलाधार बरसते बादल,

समय बीतता जाता और दिल हो जाते घायल;

कीचड़ में ही सही पर खेलना था जरूरी,

क्या करते बचपन था इसका कायल l


अब समय बदल गया है,

और मौसम भी बदल गये है;

सिर्फ यादें बची हैं जो नहीं है बदले,

पर इंसान बिलकुल बदल गया है l


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