Uma Pathak
Action
जब मैं सरहद में लड़ने जाऊंगा
वीर नायक बनकर आऊंगा।
मातृभूमि की रक्षा में
तिरंगे में लिपट जाऊंगा।
वर्षा हो या गर्मी हो
वही पर डट जाऊंगा।
दुश्मनों का मैं अंत कर
देश को बचाऊंगा।
बच्चे
एक औरत की
नायक
गरीबी
पहला प्यार
दुर्घटना
अंतरिक्ष
प्रेम
होली
पशु पक्षी और ...
मिट्टी का साथ सौगंध है मेरी मेरे इस बलिदान का साक्षी रहे वर्तमान मिट्टी का साथ सौगंध है मेरी मेरे इस बलिदान का साक्षी रहे वर्तमान
आतंकी का खौफ बताओं, कब तक राज करेगा अब घाव लगे हैं जो हृदय पर, उनको कौन भरेगा अब बतलाओ क्या उत्तर ... आतंकी का खौफ बताओं, कब तक राज करेगा अब घाव लगे हैं जो हृदय पर, उनको कौन भरेगा अ...
अभी-अभी तो ख्वाहिशों ने की थी उड़ान की शुरुआत अभी-अभी तो ख्वाहिशों ने की थी उड़ान की शुरुआत
ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्यों ढूंढे ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्य...
ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात ना होती है ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात न...
देख जमाने वालों देखो, जिम्मेदारियों से दूर नहीं, आत्मविश्वास दिल भरा, ऐसे देशवासी मि देख जमाने वालों देखो, जिम्मेदारियों से दूर नहीं, आत्मविश्वास दिल भरा, ऐ...
नित नियत काल से टकराता बदलता थल की थाती आसमान का बादशाह। नित नियत काल से टकराता बदलता थल की थाती आसमान का बादशाह।
कौन कहता है कि गुलशन की जमीं उर्वर नहीं, कौन कहता है कि मेरा ये वतन कमजोर है। कौन कहता है कि गुलशन की जमीं उर्वर नहीं, कौन कहता है कि मेरा ये वतन कमजोर है।
कवर है कवर है
कुछ हक़ तो उसका भी था जिसने हमदम हमसफर बन सात जन्मो के लिए साथ निभाने का वचन दिया, कुछ हक़ तो उसका भी था जिसने हमदम हमसफर बन सात जन्मो के लिए साथ निभाने का वचन दिया...
यह कविता शहीदो को सलामी दे रही है। यह कविता शहीदो को सलामी दे रही है।
प्रधान मंत्री जी, स्पष्ट उद्देश्य के साथ, साल दर साल भारत का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधान मंत्री जी, स्पष्ट उद्देश्य के साथ, साल दर साल भारत का नेतृत्व कर रहे ह...
नई ऊर्जा और हिम्मत का संचार कर खुद को खुद के लिए खास बना पाती हूँ मैं।। नई ऊर्जा और हिम्मत का संचार कर खुद को खुद के लिए खास बना पाती हूँ मैं।।
सच वो सोने जैसा पीला मिठाई का टुकड़ा आज माँ का वो टुकड़ा मेरे लिए अनमोल था। सच वो सोने जैसा पीला मिठाई का टुकड़ा आज माँ का वो टुकड़ा मेरे लिए अनमोल था।
बना कर कुछ पद चिन्ह बस गढ़ते जाना है, बना कर कुछ पद चिन्ह बस गढ़ते जाना है,
अब चला चली की बेला है, गुडबाय सभी को करता हूं।। अब चला चली की बेला है, गुडबाय सभी को करता हूं।।
पीपल का हूँ वृक्ष अभागा सूखे नयनन कृश है काया। पीपल का हूँ वृक्ष अभागा सूखे नयनन कृश है काया।
रंगरोगन की हुई ख़बरें प्राइम टाइम की कानफोड़ू ख़बरें रंगरोगन की हुई ख़बरें प्राइम टाइम की कानफोड़ू ख़बरें
स्वास्थ्य रक्षण के खातिर ही उचित पोषण भी लेना है। स्वास्थ्य रक्षण के खातिर ही उचित पोषण भी लेना है।
हे मात भवानी, हे अम्बे रानी, ऐसा दो वरदान। हे मात भवानी, हे अम्बे रानी, ऐसा दो वरदान।