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Shaziya Tazeen

Romance

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Shaziya Tazeen

Romance

वही था

वही था

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वह मोहब्बत था सुकून था अक्स था मेरा         

दर्द था जख्म था और मरहम भी वही था मेरा


नसीब में नहीं था फिर भी खुशी का जरिया था मेरा    

बह गए तो आंसू थम गए तो सब्र भी वहीं था मेरा    


पल-पल मांगती दुआओं में तड़पता अरमान था

मेरा एक लफ्ज़ में कह दूं तो वह पूरा जहान था मेरा। 


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