Shaziya Tazeen
Inspirational
शरीफों की हालत का हाल ना पूछो
बदनाम यह भी है गुनहगारों की महफिल में
शरीफ
दिल
गम
रिश्ते
वही था
मोहब्बत नाम त...
मोहब्बत की है
देवालय में बैठा बैठा मैं मन में करता ध्यान। शुभ दिन आया मैं करूँ दीप कौन सा दान। देवालय में बैठा बैठा मैं मन में करता ध्यान। शुभ दिन आया मैं करूँ दीप कौन सा द...
सफलता की एक ऐसी कहानी ये, जिसने बदला नज़रिया। सफलता की एक ऐसी कहानी ये, जिसने बदला नज़रिया।
निजी ज़िन्दगी से लेकर सामाजिक ज़िन्दगी तक , हर नयी दिशा के साथ 'बवाल ' मचना जुड़ा है। निजी ज़िन्दगी से लेकर सामाजिक ज़िन्दगी तक , हर नयी दिशा के साथ 'बवाल ' मचना जुड़ा...
अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी
इंद्रधनुष देखकर मेरे मन में सदा, एक ही ख्याल आता है! इंद्रधनुष देखकर मेरे मन में सदा, एक ही ख्याल आता है!
पुकार ले कोई जो पीछे से, तो रुक जाएं ये कदम. पुकार ले कोई जो पीछे से, तो रुक जाएं ये कदम.
जिद ही है जिन्दगी जिन्दगी के मायने तो अभी से क्यूँ नहीं चल काशवी जिद कर और पूरी क जिद ही है जिन्दगी जिन्दगी के मायने तो अभी से क्यूँ नहीं चल काशवी ज...
हम सबके अपने ही सब होते, तब मधुरिम मृदुतर बरसते रंग। हम सबके अपने ही सब होते, तब मधुरिम मृदुतर बरसते रंग।
ये कौन से भेड़ियों की प्रजातियां आई है मेरे वतन में... ये कौन से भेड़ियों की प्रजातियां आई है मेरे वतन में...
उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ही तो मेरी जागीर है।.... उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ह...
उसकी एक अलग ही खुशी मिलती है जहाँ पर मैंने अपनी रचनाएँ लिखी स्टोरिमिरर पर। उसकी एक अलग ही खुशी मिलती है जहाँ पर मैंने अपनी रचनाएँ लिखी स्टोरिमिरर पर।
मन में है विश्वास पूरा है विश्वास यह जुनून सिर चढ़ बोलेगा। मन में है विश्वास पूरा है विश्वास यह जुनून सिर चढ़ बोलेगा।
मां के बिन इस जगत मे , जीवन को धिक्कार ।। मां के बिन इस जगत मे , जीवन को धिक्कार ।।
तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर महान। तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर महान।
अहिल्याबाई का सुदृढ़ व्यक्तित्व, उनकी जीवन गाथा। अहिल्याबाई का सुदृढ़ व्यक्तित्व, उनकी जीवन गाथा।
बैर और नफरत की दीवार को, मिलकर मिटटी में मिलाते हैं चलो इस जनवरी, जन जन को जगाते हैं. बैर और नफरत की दीवार को, मिलकर मिटटी में मिलाते हैं चलो इस जनवरी, जन जन को...
प्रकृति देवी प्रथम पुरूष मेंं, राग मिलन मनुहार ना होता! प्रकृति देवी प्रथम पुरूष मेंं, राग मिलन मनुहार ना होता!
ये सूना पड़ा हुआ घर, घर का खाली पड़ा अहाता। ये सूना पड़ा हुआ घर, घर का खाली पड़ा अहाता।
हर पल नई आशा और उमंग हूं ईश द्वारा निर्मित रंग मंच का मैं भी एक रंग हूं! हर पल नई आशा और उमंग हूं ईश द्वारा निर्मित रंग मंच का मैं भी एक रंग हूं!
कुछ लोगों की करनी को फिर ये सारा जग कितना भुगतता। कुछ लोगों की करनी को फिर ये सारा जग कितना भुगतता।