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VIVEK ROUSHAN

Abstract

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VIVEK ROUSHAN

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वैसे चाहेगा कौन

वैसे चाहेगा कौन

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जैसे तुम्हें चाहा मैंने वैसे चाहेगा कौन

जिस्म तो सब माँगेंगे रूह माँगेगा कौन


जो कोई मिलेगा तुम्हें नाम से पुकारेगा

फूल खुश्बू चाँद सितारे तुम्हें कहेगा कौन


लोग आएंगे तुमसे तुम्हारा हाल पूछेंगे

बिन पूछे तुम्हारा हाल  समझेगा कौन


सब देखेंगे तुम्हारे चेहरे को आँखों को

चेहरे की मायूसी आँखों की नमीं देखेगा कौन


हमें मालूम है की तुम नहीं हमारी किस्मत में

बावजूद इसके तुम्हें प्यार करेगा कौन 


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