STORYMIRROR

Rajiv Jiya Kumar

Inspirational

4  

Rajiv Jiya Kumar

Inspirational

वाणी

वाणी

1 min
399

वाणी वाणी का खेल है सब

वाणी वाणी से मेल है सब

यह वाणी है देन रब की

सजग रहना होना हीं सबको

वाणी से कहीं बैर तो न है।।

कही विवेकानंद की वह वाणी

धरा पर जयघोष सुनाती है

तो कहीं गाँँधी की अनुपम वाणी

अतिवादियोंं को दूर ले जाती है

वाणी वाणी का खेल है सब।।

समय ने करवट ऐसी बदली

बदल गई निति रीति हीं सारी

वाणी अब आग लगाती

मानव मानव को लङवाती है

वाणी वाणी का खेल है सब।।

वाणी वाणी का मोल बङा है

इसको बस अनमोल बूछ लो

यह प्रीत की नई धार बनाती है

समय की सीख यह है बंधु 

वाणी मीठी यार यारी बढाती है,

वाणी वाणी का खेल है सब।। 

         


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational