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Poetic Pandeyz

Tragedy Action Others

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Poetic Pandeyz

Tragedy Action Others

वादा

वादा

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तुम तो वादा कर के गए थे

कि शांति रहती है सरहद पर 

सब कुछ पहले से बदला हुआ है


पर सुबह खबर आई टीवी पर

कि जवानों के बस पर हमला हुआ है


चालीस लोगों की शहादत हुई है

तब से दिल सहमा हुआ है


खुदा से तुम्हारी खैरियत मांगी थी

पर ये कैसी इबादत हुई है


डर के मारे टीवी भी नहीं देखा जा रहा - 


पर अभी कहीं से सुनाई पड़ा है कि

वो बस तुम्हारी ही थी और

मेरी उम्मीदों के साथ 

तुम्हारे जिस्म के भी टुकड़े टुकड़े हो गए हैं 


मुझे पता है कि ये सब झूठे है

मेरा दिल बैठा जा रहा है

अब तुम ही बताओ ना

क्या तुम सच में नहीं लौटोगे..!!



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