Nayna Kapoor
Inspirational
जन्म एक उत्सव,
मृत्यु भी है उत्सव,
मौन की गूंज हो,
या हो शोर गुल,
हर भीड़ हर एकांत,
हर अनुभव हर विश्वास,
हर जीवन की गूंज,
उत्सव ही उत्सव है।।।।
मैं
उत्सव
इच्छा
लॉकडाउन
बेजुबान सच
मासूम पुकार
नायक महानायक जीवन को जीवन का मतलब बतलाया।। नायक महानायक जीवन को जीवन का मतलब बतलाया।।
खड़ा हुआ हूं तेरे दर पर, ईश्वर मुझको दे दो अवसर। खड़ा हुआ हूं तेरे दर पर, ईश्वर मुझको दे दो अवसर।
अब तो बाबूजी जैसी बात बोल दो कोई मुझे मेरे बाबू जी के घर छोड़ दो। अब तो बाबूजी जैसी बात बोल दो कोई मुझे मेरे बाबू जी के घर छोड़ दो।
मेरी माँ! मैंने तुझसे ही तो सीखा है , आँसु पीते हुए भी मुस्कराना मेरी माँ! मैंने तुझसे ही तो सीखा है , आँसु पीते हुए भी मुस्कराना
जितनी मनमोहक छवि उतना ही प्यारा नाम, भज के देखो जय श्री राम। जितनी मनमोहक छवि उतना ही प्यारा नाम, भज के देखो जय श्री राम।
इसलिए कहा गया है - अधूरा ज्ञान नुकसानदायक होता है। इसलिए कहा गया है - अधूरा ज्ञान नुकसानदायक होता है।
यतीम बच्चों बेसहारा माएं विधवाएं बेबस पीड़ा व्यथित जलीला बनी लौह नारी। यतीम बच्चों बेसहारा माएं विधवाएं बेबस पीड़ा व्यथित जलीला बनी लौह नारी।
और औरत भी तभी तक खिली रहती है जब तक पिता के आँगन मे है. और औरत भी तभी तक खिली रहती है जब तक पिता के आँगन मे है.
भारत निश्चय आगे बढ़ रहा है किंतु मधुमेह रोग जैसा संकट ना कम हो रहा है. भारत निश्चय आगे बढ़ रहा है किंतु मधुमेह रोग जैसा संकट ना कम हो रहा है.
चंद्रशेखर नाम दिया मां बाप ने आज़ाद स्वय का दिया नाम राष्ट्र के अन्तर्मन की वेदना आज़ाद चंद्रशेखर नाम दिया मां बाप ने आज़ाद स्वय का दिया नाम राष्ट्र के अन्तर्मन की...
प्यार से पाले जाते हैं बेटे, और खुद पल जाती हैं बेटियां। प्यार से पाले जाते हैं बेटे, और खुद पल जाती हैं बेटियां।
कोरोना वायरस की उत्पत्ति लगभग दो वर्ष पूर्व चीन के वुहान के हुबेई प्रांत में हुई थी। कोरोना वायरस की उत्पत्ति लगभग दो वर्ष पूर्व चीन के वुहान के हुबेई प्रांत...
नौ नवंबर राष्ट्रीय विधिक साक्षरता दिवस मनाया जाता है। नौ नवंबर राष्ट्रीय विधिक साक्षरता दिवस मनाया जाता है।
नमक कम ज्यादा हो तो भी खा लीजिए। नमक कम ज्यादा हो तो भी खा लीजिए।
आस रख पापा कहते थे.. समझाते थे आस से सब हासिल होता है। आस रख पापा कहते थे.. समझाते थे आस से सब हासिल होता है।
समुद्र की तरह संसार का चक्कर भी चलता चला जाता। समुद्र की तरह संसार का चक्कर भी चलता चला जाता।
मैं क्या दे सकता हूँ आज मुझे समझ नहीं आ रहा तुम्हारा दिन। मैं क्या दे सकता हूँ आज मुझे समझ नहीं आ रहा तुम्हारा दिन।
कर्म क्रांति का किशोर खुदीराम बोष दुनियां में दूजा नाम नही।। कर्म क्रांति का किशोर खुदीराम बोष दुनियां में दूजा नाम नही।।
वो कल भी सब सहती रही वो आज भी रोती रही है वो नारी। वो कल भी सब सहती रही वो आज भी रोती रही है वो नारी।
देश के वीरों का करो सम्मान मां भारती का करो वंदन जांबाज मेरे देश के वीर जवान। देश के वीरों का करो सम्मान मां भारती का करो वंदन जांबाज मेरे देश के वीर ज...