STORYMIRROR

V. Aaradhyaa

Comedy

4  

V. Aaradhyaa

Comedy

उफ्फ्फ ठंडी

उफ्फ्फ ठंडी

1 min
251


ठंडक विकट भई,

पौष माह नहीं मई, 

स्वेटर पहनकर,

बाहर निकलिए।


मफलर लेना साथ,

हथमोजा में हो हाथ,

हवाओं से बचकर,

काम पर चलिए।।


गाजर बनाओ पाक,

बथुआ पालक साक,

बाजरे की रोटी संग,

मक्खन भी चखिए।।


मौसम हैं सर्द  आया , 

स्नेहा' जी के मन भाया ,

राधे -राधे कह कर,

कृष्ण नाम जपिए।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy