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Shweta Mangal

Classics


5.0  

Shweta Mangal

Classics


उनके सामने

उनके सामने

1 min 390 1 min 390

चाँद भी सो गया है

तारों  ने भी झपक ली हैं

अंखियाँ।


कि निहार लूँ मैं तुम्हें

 कुछ पल के लिये

इस रात की ख़ामोशी में

इस तन्हाई में

प्यार कर लूँ मैं तुमसे 

कुछ पल।


क्योंकि चाँद को भी है

यह गुमान

तारों को भी है यह पता

कि शर्मा जाऊंगी मैं

उनके सामने।


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