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Swati Garg

Abstract

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Swati Garg

Abstract

उन्हें पसंद है

उन्हें पसंद है

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हमारा अक्सर यूँ खुले बाल रहना, 

आँखों में काजल लगाकर उन पर पहरा लगाना, 

वो कहते हैं "उन्हें पसंद है"। 


जीन- पैंट पहनकर सादगी का लिबाज़ ओढ़ लेना, 

मासूमियत के गहने से खुद को सँवार लेना, 

वो कहते हैं "उन्हें पसंद है"। 


हमारा उन्हें बार- बार परेशान करना, 

फिर अचानक भोला सा बन जाना, 

वो कहते हैं "उन्हें पसंद है"। 


हमारा पागल पन भरी बातें करना, 

और बात बात पर उनसे रूठ जाया करना, 

वो कहते हैं "उन्हें पसंद है"। 


हमारा आईने में खुद को निहारना, 

फिर खुद को थोड़ा सा रोज़- रोज़ सँवारना, 

वो कहते हैं "उन्हें पसंद है"। 


हमारा उन्हें छुप- छुप कर निहारना, 

और उनके देखते ही नज़रे झुका लेना, 

वो कहते हैं "उन्हें पसंद है"। 


पसंद है उन्हें 

हम पर चढ़े इश्क़ का ख़ुमार, 

हम जो ढूँढते रहते हैं

उनकी नज़रों में हर वक़्त प्यार, 

हमारा हँसना हमारा बोलना, 


हमारा चलना हमारा खुद को सँवारना, 

वो कहते हैं उन्हें है इन सबसे प्यार।।


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