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Jai Singh(Jai)

Abstract

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Jai Singh(Jai)

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उमस ने बहुत सताया

उमस ने बहुत सताया

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भविष्यवाणी ढह गई,खास नहीं बरसात

खूब तपाया घाम ने,भीग गया यो गात

भीग गया यो गात,उमस ने बहुत सताया

देखें चातक बाट ,बूंद पहली को पाया 

कहीं पडे ना बूंद ,कहीं पानी ही पानी

ठीक करो हालात,ढहे ना भविष्यवाणी।


 


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