STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Abstract Thriller

4  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Abstract Thriller

"उड़न-तश्तरी"

"उड़न-तश्तरी"

1 min
189

उड़न-तश्तरी उड़ती जब गगन में

बड़ा कौतुहल लाती तब हृदय में


क्या पृथ्वी के परे कोई जीवन है?

बार-बार यह सवाल आता मन मे


पृथ्वी के वैज्ञानिक लगे है,खोज में

पृथ्वी परे शायद जीवन है,व्योम में


पृथ्वी से अलग ग्रह के प्राणी को

एलियन कहते है,उस प्राणी को


उड़न-तश्तरी जब उड़ती गगन में

बड़ा कौतुहल लाती तब हृदय में


लोगों ने कहींबार यूएफओ देखी है

एलियन की कहीं बार बात लिखी है


हिंदुस्तानियों के कहीं ग्रन्थ-पुराणों में

पृथ्वी परे जीवन बताया कहीं लोको में


खास हम उन लोको को समझ पाते,

एलीयन जैसी गुथी को सुलझा पाते,


हमारे ग्रन्थों में नागलोक,गोलोक,

नरकलोक, सप्तलोक,स्वर्गलोक,


ब्रह्मलोक आदि को बताया वेदों में

इनको खोजो जवाब मिलेगा वेदों में


हम न थे,तब का भी इतिहास वेदों में

मनगति के वाहन का उल्लेख वेदों में


आकाशगंगा,ब्लैकहोल आदि का,

रहस्य खुल जायेगा चुटकियों में


उड़न तश्तरियों का हल होगा वेदों से

एलियन पहली का हल होगा वेदों से


फिर जब उड़न-तश्तरी उड़ेगी नभ में

कोई भी कौतुहल न रहेगा हृदय में।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract