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Kawaljeet GILL

Abstract Inspirational

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Kawaljeet GILL

Abstract Inspirational

तू कभी सामने तो आ ......

तू कभी सामने तो आ ......

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तू कभी सामने तो आ दिलबर मेरे,

तेरा मेरा प्यार है अमर फिर क्यों है जुदा जुदा,

तू मेरा कान्हा मैं तेरी राधा हूँ एक दूजे के दिल की धड़कन है,

प्यार तुझको भी है प्यार मुझको भी है,

फिर क्यों हम जुदा जुदा है क्यों तन्हा हम रोते है,


दिलों के ये रिश्ते दिलों के बंधन बंध कर भी क्यों जुदा जुदा है,

दिल ये बार बार पुकार उठता है जरा सामने तो आ जा छलिया,

तुम बिन एक पल बिताना मुश्किल है अब तो आ जाओ अब तो आ जाओ,

मिलकर हम तुम तुम हम नए सपने जीवन के सजाते है,


कब आओगे ओ कान्हा मेरे ये अंखियाँ निहारे हर पल तेरा रास्ता,

अब इंतजार के ये पल गुजरते नहीं दिल को सुकून मिलता नहीं,

तेरे संग हम को जीना है तेरी गोद में जान निकले ये चाहत है,

अब छोड़ो ये आँख मिचौली खेलना अब खत्म करो इंतजार ।


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