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Taj Mohammad

Abstract Romance Tragedy

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Taj Mohammad

Abstract Romance Tragedy

तू ही याद आया है।

तू ही याद आया है।

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जब-जब वक्त के लम्हों ने रुलाया है।

दिल को बस इक तू ही याद आया है।।1।।


खुशियों को ना मिले मेरे घर का पता।

किस्मत ने भी हमको बड़ा सताया है।।2।।


रात भर ही कलियां भीगी शबनम से।

कायनात के ज़र्रे-ज़र्रे में नूर आया है।।3।।


हमसे ना पूछो यूं हाल इस जमीं का।

खुदा ने जब बूंद ए आब बरसाया है।।4।।


दीवानगी भी फिजाओं में घुल गई है।

गुलों ने जब गुलशन को महकाया है।।5।।


अपना हाले दिल क्या सुनाए तुमको।

तेरी यादों ने रात रात भर जगाया है।।6।।



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