तू ही है
तू ही है
मेरे कालमों के हर अक्षर में तेरा नाम सा है।
मेरे डायरी की हर पन्ना पर तेरा याद सा है।।
भूल जाता हूँ मैं कभी खुद को तेरे खेयालो में।
वक्त बी रुक जाता है शायद तेरे आने से।।
तेरे साथ होने से मनो जनत सा लगता है।
दुनिया को ना भूल जाओं ये डर सा लगता है।।
तुझे खोने का डर हमेशा सताता है।
तुझे खो नहीं सकता ये दिल को बी पता है।।
बारिश करदू तुझ पर सारी खुशियां।
पर मेरा खुशी का वजह ही तू है।।
तेरा मिलना शायद मेरा खुशनसीबी है।
मेरे यादों की किताब का शायद तू ही नायिका है।।

