भुलाने चाहता हूं मैं
भुलाने चाहता हूं मैं
तुझसे खुशियां शुरू होता था पहले।।
अब तू ही गम का वजहा है।
यह गम है और तुम्हारे साथ ना होने का।।
या फिर खुद पर गुस्सा तुम्हें खोने का।
भुलाने चाहता हूं में तुम्हे एक बुरा सपना समझ कर।।
या फिर जिंदेगी की एक गलती।
गलत नहीं था में जिंदेगी के इस सफर पर।।
बस तुम्हारा यूँ साथ छोड़ने का कभी सोचा नहीं था।
इसमें तुम्हरा क्या गलती ना तुमने कभी जताया था।।
मुझसे ना में कभी कह सका तुमसे अपने दिल की बात।
इस अधूरी कहानी का तो नायक भी में था।।
और खलनायक भी में था।

