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कुन्दन कुमार

Romance

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कुन्दन कुमार

Romance

तुम्हारी सादगी

तुम्हारी सादगी

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ये तुम्हारी सादगी भी ना

ग़ज़ब है "जाना"

और उस पर भी ये जीने का अन्दाज़ तुम्हारा

ग़म लिए अपने उस छोटे से दिल में

जगह देना और 

फिर भी तुम्हारी चेहरे पे सजी हुई मुस्कान,

शायद उलझी हुई सी ज़िंदगी है तुम्हारी....


और सुलझाने का तेरा वो प्रयास,

इक अनोखी सी कसक सीने में, 

थोड़ी बहुत शिकन भी दिखती है तेरे चेहरे पे....


फिर भी

तेरे ये नयनों की मासूमियत भी तो

अन्दाज़ बेफ़िक्री से भरी हुई है,

जैसे मासूम सा कोई बच्चा, 

ले रहा हों किलकारी.....


तेरी ये हँसी

जैसे अमावस में खिली हो चाँदनी,

दिखाती है जीने की इक़ राह, 

जैसे नामुरादों को मंजिल.... मिल गई है ...!!


शायद इसका और औचित्य भी नहीं है कि 

मैं इसका बखान कर सकूं 

तुम्हारी सादगी के बारे में सबसे कहता फिरूँ 

लेकिन इतना तो तय है 

कि तुम्हारी सादगी में भी कुछ ना कुछ ऐसा रहा है 

तभी तो हम तुम्हारे हैं इर्द गिर्द घूमते रहते हैं 

हमारा ख्याल भी... 

तुम्हारे आस-पास ही भटकते रहते हैं...!! 

और ऐसा नहीं है कि 

हम तुमसे खफा होते हैं 

परेशान होते हैं

सच पूछो तो हमें बहुत आनंद आता है 

तुम्हारे साथ बिताया हुआ हर पल 

मुझे ग़ज़ब का एहसास देता है..!!

तुम्हारा यह सादा पन बहुत पसंद आया है मुझे 

ये मैं भी मानता हूं कि

बहुत सारी चीज है जिसको कि 

मैं कह नहीं पाता हूं 

और ये भी मानता हूं कि 

तुम भी बहुत सारी चीजें हम से खुलकर कह नहीं पाती हो 

लेकिन हां मैं जितना खुलकर कह लेता हूं 

उतना भी तुम नहीं कह पाती हो 

उन सारी बातों को अपने मन में छुपा के रखती हो 

किसी राज की तरह 

ताकि मैं बाद में उसका मजाक ना बना सकूं 

बात सही है 

मैं मजाक बनाने लगता हूं 

तुम्हारी उस भावनाओं को लेकिन कभी सोचा है उन बातों को

नहीं, लेकिन जान ऐसा तुम्हें लगता है कि 

मैं मजाक बनाता हूं 

लेकिन मेरी नजर से देखो तो वह भी एक दुलार है 

वह भी प्यार है 

क्योंकि 

मैं तुमसे बेइंतहा प्यार करता हूँ 

हो सकता है प्रेम करने का तरीका नया हो सकता है

मगर इतना कहता हूं कि 

जब मेरे जीवन में तुम भी शामिल में होगी...

साथ जो मेरे आंगन में खिलखिलाओगी...

मेरे साथ-साथ मुसकुराओगी...

तब शायद मुझ में शरीक हो जाओगी... 

मेरे हर शब्द को समझ पाओगी...

मेरे यथार्थ को बहुत ही अच्छे तरीके से तुम दृष्टि पटल पर उतार सकोगी...


सच कहूँ तो तुम्हारा ये सादापन ऐसे ही नहीं भाया है मुझे

तुम से प्रेम करने के पीछे भी बहुत कारण है 

तुम्हारी इस सादगी में भी 

बहुत कुछ है "जाना" 

जिसको शायद मैं इन आसान शब्दों में

बयाँ नहीं कर पाऊं 

लेकिन आखिर में इतना ही कहूँगा की

मैं आपसे बहुत बहुत बहुत बहुत प्यार करता हूँ...!!


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