STORYMIRROR

Aanchal Soni 'Heeya'

Abstract

4  

Aanchal Soni 'Heeya'

Abstract

तुम्हारा पहला लॉकडाउन

तुम्हारा पहला लॉकडाउन

1 min
231

तुमने पहली दफा लॉकडाउन देखा,

मैंने लॉकडाउन के सिवा और कुछ नहीं देखा।

तुम्हे तो पता भी है,

की बस कुछ दिन की बात और

फिर वही पुराना दौर,

शैर सपाटा गली गली

कभी मार्केट तो कभी मौल।

पर क्या कभी किया है तुमने गौर !

तुम्हारे लॉकडाउन समाप्ति की तो

तारीख़ भी निश्चित है।

पर हमारे लॉकडॉउन समाप्ति की

एक निश्चित तारीख़ की बात तो दूर

कोई तारीख बनी भी है या नहीं

हमें तो ये भी खबर नहीं।


ख़ैर, छोड़ो तुमसे उम्मीद करता ही कौन !

हमारे लॉकडॉउन समाप्ति की तारीख़

तुम्हारे हाथों तय करवा,

नहीं कर सकते हम

अपने स्वाभिमान को मौन।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract