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Sarvesh Saxena

Abstract

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Sarvesh Saxena

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तुम आये तो

तुम आये तो

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एक तेरे लिए ही सीने में

ये सांस बचा के रक्खी है।


तुम आये तो, मेरे हमदम

फिर से तेरी खातिर मर जाऊं।


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