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Neeraj pal

Inspirational

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Neeraj pal

Inspirational

तत्व-ज्ञान

तत्व-ज्ञान

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पढ़ने -लिखने से क्या फायदा, अपना ही जीवन अशान्त बन गया।

 उपदेश करते दूसरों को ,दुर्गुणों का खुद भंडार हो गया।।


 विद्या से नम्रता है मिलती, उस पर भी अहंकार हो गया।

 अमल न करते पढ़ -लिख कर भी, सब कुछ थोथा ज्ञान हो गया।।


 जान बूझकर जो गलती हैं करते, रौरब नरक की यातना वह सहते।

 पुस्तकें लौटते बुद्धि-शक्ति क्षीण हो गई, समझने का प्रयास न वह करते।।


 समझना चाहते ग़र आशय ग्रंथों का, चेतन पुरुष का संग करना होगा।

 बिना परिश्रम, कम समय में ही, जगत का सार तेरे सम्मुख होगा।।


 सूक्ष्म रहस्यों को जान सकेगा, आत्मचिंतन तुझको करना होगा।

 सारे कर्मों को ताक पर रखकर, आत्मा का ध्यान करना होगा।।


 अगर चाहता दिव्य प्रकाश के दर्शन, नित्य प्रति अभ्यास करना होगा।

 सफली भूत जीवन बन जाएगा, गुरु-उपदेश पर चलना होगा।। 


"तत्व ज्ञान" सब दृष्टिगोचर होंगे, शान्ति ,आनन्द से भर जाएगा।

" नीरज" गर चाहता इसको पाना, गुरु दर्शन को जाना होगा।।


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