STORYMIRROR

Dhinal Ganvit

Inspirational

4  

Dhinal Ganvit

Inspirational

टुडे इज प्रजेंट

टुडे इज प्रजेंट

1 min
376

चल बालक उठ जा...

एक नया दिन हो गया है आज।

कल की रात चली गई!


चल बालक जाग जा...

एक नई आश है आज।

कल जो हुवा उसे भूल जा!


चल बालक आंखे खोलो अपनी...

एक नई किरण तुम्हारी है आज।

कल जो खोया उसे भूल जा!


चल बालक कुछ कर दिखा...

एक बार फिरसे जागा है तु आज।

कल जो होकर गुजरा उसे भूल जा!


चल बालक बढ़ा एक कदम जिन्दगी की ओर...

एक बार फिरसे जंग लड़नी है आज।

कल जो हारा था उसे भूल जा !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational