टांड का रहस्य
टांड का रहस्य
एक आई आवाज़ टांड पर
कोई बक्सा आप ही सरका
घबराया गया सबका दिल
मन में उठी भयंकर शंका
ये कोई चोर तो नहीं जो
जाकर छिपा वहाँ पर है
अब कौन जाकर देखे तो
क्या चीज़ ऊपर वहाँ पर है
रहस्य भरा माहौल बना
धक् धक् करती धड़कन
टॉर्च डंडा ले लिया हाथ
पर सीने में थी जकड़न
तभी कुछ गिरा वहां पे
आवाज़ जोर से आई
निकली चीख हमारी
चिल्लाया बचा लो माई
फिर बटोरी हिम्मत और
खोला टांड का दरवाजा
मोटे सा काला मूषकराज
जल्द कूद वहाँ से भागा
अब समझे क्या था माजरा
क्या था रहस्य आवाज़ का
चूहों का एक बिल मिला
यही टांड का गहरा राज़ था।
नोट: A loft is called टांड in our dialect

