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S N Sharma

Abstract Classics Inspirational

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S N Sharma

Abstract Classics Inspirational

तो सुख से रह पाओगे

तो सुख से रह पाओगे

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कुछ भी कर लो तुम दुनिया में सबको खुश न रख पाओगे।

लाख जतन कर लो कुछ लोगों का मुंह फूला पाओगे।


हिम्मत कर इस सत्य को गर तुम स्वीकार कर लो।

तो जीने का एक महा मंत्र तुम सीख जाओगे।


याद रखो तुम कुछ भी कर लो सब तुमसे सहमत ना होंगे।

सही, गलत हो या कि मत तेरा जो भी हो जैसा हो।


सब लोगों को अपने मत से तुम सहमत न कर पाओगे।

इसीलिए हर एक को सहमत करने की चिंता छोड़ो।


जीने का यह मंत्र दूसरा तुम फिर सुख से रह पाओगे।

हर एक बात पर व्यर्थ न अपनी प्रतिक्रिया तुम को देनी है


 यह मंत्र तीसरा है जीवन का अपनाओगे तो सुख पाओगे।


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