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Jalaj Dubey

Tragedy

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Jalaj Dubey

Tragedy

तन्हाई

तन्हाई

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हर एक मुश्किल से अकेला लड़ जाता हूँ,

गर प्यार से पुकारे कोई तो डर जाता हूँ।


और तन्हाई का इस कदर आदी हो चुका हूँ,

कोई साथ दे दे गर तो बिखर जाता हूँ।


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