STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

4  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

तिरंगे के परवाने

तिरंगे के परवाने

1 min
83

सबके अपने-अपने तराने है

सबके अपने-अपने अफसाने है


हमारा दिल एक ही बात जाने है

तिरंगे के ही हम तो परवाने है


वो ही मातृभूमि के गाते गाने है

जिनके दिल होते माटी के दाने है


वो ही बनाते इतिहास के पाने है

जो मातृभूमि के लिये देते जाने है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational