Prachi Beeka
Inspirational
यूं तो हर गम में टूट कर बिखर जाते है।
अगर रखे थोड़ा सबर तो फिर सँवर जाते हैंं।।
जीवन है तो सुख दुख आना ही है।
ऐसे ही हर कष्ट को गुजर जाना ही है।।
Ghat ki sham
जीवन एक राख
अपनी पहचान की...
प्रेम कथा
वक्त को करीब ...
अजन्मी प्रेम ...
थोड़ा दूर हो ...
थोड़ा सबर
डरने की क्या ...
जिंदगी
वो है गृह लक्ष्मी लक्ष्मी का रूप कभी बने दुर्गा कभी वो ले शारदा का रूप। वो है गृह लक्ष्मी लक्ष्मी का रूप कभी बने दुर्गा कभी वो ले शारदा का र...
प्रेम क्या है? समझते हो तुम? वासना से लिप्त हो कर क्या समझ पाओगे तुम? प्रेम क्या है? समझते हो तुम? वासना से लिप्त हो कर क्या समझ पाओगे तुम?
यह रंगमंच है फेसबुक , सब अभिनय इसमें करते हैं ! यह रंगमंच है फेसबुक , सब अभिनय इसमें करते हैं !
एकाग्रता में महत्वपूर्ण बिंदु है शुरुआत में एक छोटे से घेरे में। एकाग्रता में महत्वपूर्ण बिंदु है शुरुआत में एक छोटे से घेरे में।
लक्ष्मी चल कर घर है आई मिलकर उसका सत्कार करो लक्ष्मी चल कर घर है आई मिलकर उसका सत्कार करो
नभ गगन नील आकाश सारी धरती को कर पार। नभ गगन नील आकाश सारी धरती को कर पार।
गए जमाने उस दुनिया के,जब सब कहते थे स्त्री अबला है। गए जमाने उस दुनिया के,जब सब कहते थे स्त्री अबला है।
प्रकृति कर रही हमसे गुहार, न छेड़ो तुम हमें यूँ बार बार। प्रकृति कर रही हमसे गुहार, न छेड़ो तुम हमें यूँ बार बार।
मेरी बिटिया मेरे लिए,कीमती उपहार है इससे ही सँवरती है,मेरा घर-परिवार है। मेरी बिटिया मेरे लिए,कीमती उपहार है इससे ही सँवरती है,मेरा घर-परिवार है।
जो हुआ समझे उसको ईश्वर की इच्छा का सम्मान करें। खुद को संभाले और अपना आत्मोत्थान करें। जो हुआ समझे उसको ईश्वर की इच्छा का सम्मान करें। खुद को संभाले और अपना आत्मोत्...
प्रेम का, एक प्रेम के लम्हें बरसाता सागर हूं मैं प्रेम का मुझ में अभाव नहीं। प्रेम का, एक प्रेम के लम्हें बरसाता सागर हूं मैं प्रेम का मुझ में अभाव नहीं।
स्वर्ग सी धरा पर बसने वाला मैं भारतीय एक कहलाता हूँ। स्वर्ग सी धरा पर बसने वाला मैं भारतीय एक कहलाता हूँ।
मित्र बनने की ललक है, सब फौज बनाना चाहते हैं !! मित्र बनने की ललक है, सब फौज बनाना चाहते हैं !!
गांधी गौतम और विवेकानंद ने तुझ पर अभिमान किया है। गांधी गौतम और विवेकानंद ने तुझ पर अभिमान किया है।
वक्त ने कुछ ऐसा चक्कर चलाया जिसे देखकर मैं हैरान हो गया हूँ। वक्त ने कुछ ऐसा चक्कर चलाया जिसे देखकर मैं हैरान हो गया हूँ।
ना समझो उपभोग की वस्तु मैं स्वयं सृष्टि रचियेता हूँ। ना समझो उपभोग की वस्तु मैं स्वयं सृष्टि रचियेता हूँ।
निज संस्कृति से हम प्रेम करें, संस्कारित रह हम बांटें आनंद। निज संस्कृति से हम प्रेम करें, संस्कारित रह हम बांटें आनंद।
मेरा जो पथ है, उसे तुम बदल न पाओगे। मेरा जो पथ है, उसे तुम बदल न पाओगे।
नित्य कहता हूँ कड़वा है पर परमार्थ है, यहाँ हर रिश्ते की बुनियाद ही स्वार्थ है। नित्य कहता हूँ कड़वा है पर परमार्थ है, यहाँ हर रिश्ते की बुनियाद ही स्वार्थ ह...
सबक ले अतीत से तू स्वप्न देख भविष्य का। सबक ले अतीत से तू स्वप्न देख भविष्य का।