STORYMIRROR

श्रेया जोशी 'कल्याणी'

Abstract

3  

श्रेया जोशी 'कल्याणी'

Abstract

थाली के रंग

थाली के रंग

1 min
204

तरह तरह से दिखलाता भारत, 

अनेकता में एकता के रंग। 


आज दिखलाऊं मैं, 

भारतीय थाली के रंग, 

चलो मेरे संग। 


हर प्रांत में थाली बदलती रंग, 

कहीं बाटी तो कहीं खमण की होती जंग।


गुजरात में सूरत वाले, 

तो यूपी में काशी वाले, 

जानते खाने का असली रंग। 


तरह तरह से दिखलाता भारत, 

अनेकता में एकता के रंग। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract