तेरी कमी
तेरी कमी
तेरी खुशी के लिये खुद को तुझसे जुदा कर दिया,
मैंने मोहब्बत में तुझ को ही खुदा कर दिया।
अब फ़रिश्ते भी मेरे घर का पता पूछतें हैं,
कि कौन है जिसने इश्क़ को ही सदा कर दिया।
तेरे दिये ज़ख्म भी तो तुझसे प्यारे लगतें हैं,
तेरी याद को मैंने उन पे जो दवा कर दिया।
अब भी तू ना मुझे समझ कर वफा का हिसाब माँगता है,
जब हर बातों को तेरी मैंने ज़माने में वफ़ा कर दिया।
लूट जातें हैं सब मोहब्बत में मुझे ये दस्तूर बदलना था,
तेरी खुशियों के लिए मैंने खुद को नफा कर दिया।
मुझे सिर्फ तेरा चैन-ओ-सुकुन पसन्द था,
इसलिए मैंने मेरे दिल को यूँ ऐसे तबाह कर दिया।

