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Rahulkumar Chaudhary

Abstract

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Rahulkumar Chaudhary

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तेरे साथ मेरा नाम हो जाए

तेरे साथ मेरा नाम हो जाए

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आज एक गज़ल, तुम्हारे नाम हो जाए,

पूरा जिन्दगी का एक, काम हो जाए।


तेरे शहर में मौसम है, गर्मी का बहुत,

तुम जुल्फ लहराओ, तो शाम हो जाए।


वैसे तो पीने की, आदत नहीं मुझको,

आँखों से पिलाओ, एक जाम हो जाए।


किसी ने जो देख लिया, हमको साथ में

प्यार की बस्ती में, हमारा नाम हो जाए।


तेरी गली से निकलता हूँ, इस उम्मीद में,

सामने मिल जाओ, और बात हो जाए।


रोज तुमसे मिलना, चाहता तो है दिल,

पर डर है कहीं, ना चर्चा आम हो जाए।


एक ही दुआ करता हूँ, रोज खुदा से,

तेरे हाथों में हिना से, मेरा नाम हो जाए।


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