स्वतंत्रता
स्वतंत्रता
जी हाँ, स्वतन्त्रता
कितना मौलिक शब्द है न
लेकिन रूप बेहद व्यापक है इसका
भावनाओं की स्वतन्त्रता
विचारों की स्वतन्त्रता
अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता
किसी के सम्मान की स्वतन्त्रता
या किसी के तिरस्कार की स्वतन्त्रता
कही भी आने जाने की स्वतन्त्रता
कुछ भी खाने-पीने की स्वतन्त्रता
जी भर जी लेने की स्वतन्त्रता
या फिर अपनी इच्छा से मर जाने की स्वतंत्रता
बेबाक बोलने की स्वतन्त्रता
बेहिचक जी लेने की स्वतन्त्रता
बेहिसाब हँसने- मुस्कराने की स्वतन्त्रता
बेबबात रोने की स्वतन्त्रता
या फिर हर पल हर क्षण मद मस्त रहने की स्वतन्त्रता
बेतहाशा किसी को चाहने की स्वतन्त्रता
बेवजह किसी का दिल तोड़ने की स्वतन्त्रता
बिन मुलाकात जिन्दगी भर किसी रिश्ते को सहेजने की स्वतंत्रता
'बिन बात ही खूबसूरत रिश्ते को एक पल में भूलने की स्वतन्त्रता
या फिर अनचाहे रिश्ते को जिन्दगी भर निभाने की स्वतन्त्रता
कहीं दिल की स्वतन्त्रता
कहीं दिमाग की स्वतन्त्रता
कही तन की स्वतन्त्रता
तो कहीं मन की स्वतन्त्रता
या फिर दिल-दिमाग और तन-मन की स्वतंत्रता
सोचिए कितना विस्तृत और व्यापक रूप है स्वतंत्रता का..!!
