Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Ruchi Chhabra

Inspirational


4.9  

Ruchi Chhabra

Inspirational


स्वच्छ देश

स्वच्छ देश

1 min 244 1 min 244

हो स्वच्छ ये वसुंधरा

और देश हो हरा भरा

तू नेत्र में ये स्वपन ले

आगे हो ही कदम बढ़ा

माना कि दोस्त कम है साथ

ना छोड़ना हिम्मत का हाथ

तू खुद का हाथ थाम के

इस मुहिम का आगाज़ कर

जो रहना स्वस्थ हो अगर

तो स्वच्छ हो डगर डगर


ना खुद करे ना करें

ना करने दे कूड़े को घर

इधर उधर

ना नदियों को दूषित करें

ना शौच खुले में कभी

जो एकजुट हो जाएं हम

ना गंदगी फैले कभी

आवाज़ को बुलंद कर


जिस राह पर था तू चला

अब पायेगा तू उस डगर

इक दोस्तों का काफ़िला

जो देश से करते हैं प्यार

वो देंगे देश को संवार

जो बापू की आँखों में था

सपना जो स्वच्छ देश का

मिल कर करेंगे पूर्ण वो

अपना बना है स्वपन जो

जो कूड़ा हो यहां वहां

डिब्बे में उसको डाल दे

औरों को भी प्रेरित करें


दुनिया को वो मिसाल दें

जो स्वच्छ देश हो पायेगा

नहीं रहे कोई बीमार

सही अर्थ में हो तभी

बापू का ये सपना साकार

ये देश में गूँजे पुकार

जो देश से करता हो प्यार

आगे उसी को आना होगा

देश को स्वच्छ सुंदर हम को

ही बनाना होगा


Rate this content
Log in

More hindi poem from Ruchi Chhabra

Similar hindi poem from Inspirational