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ritesh deo

Abstract

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ritesh deo

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सुनो न

सुनो न

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सुनो 

अगर हो सके तो

इस बार होली में

मेरे गुलाबी सपनों को पंख दे देना।

सुनो

अगर हो सके तो

सूरज से रोशनी का रंग लेकर

मेरी हथेली में सिंदूरी रंग भर देना।

सुनो

अगर हो सके तो

मेरी बड़ी आंखों के समंदर में

आसमां का नीला रंग भर देना।

सुनो

अगर हो सके तो

चूड़ियों का हरा रंग

मेरी गोल कलाइयों में भर देना।

सुनो

अगर हो सके तो

विश्वास की हल्दी का पीला रंग

अपने रिश्ते की देह पर मल देना।

सुनो

अगर हो सके तो

प्यार का लाल रंग लेकर

प्रीत की चुनरी रंग देना। 

सुनो 

अगर हो सके तो

इस बार होली में 

इंद्रधनुष के सारे रंग लेकर

हमारी चाहतों में मिला देना।

मेरे और तुम्हारे जीवन में

खुशियों की रंगोली सजा देना।


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