STORYMIRROR

Dimple Khanna

Abstract Fantasy Inspirational

4  

Dimple Khanna

Abstract Fantasy Inspirational

सतयुग का आभास

सतयुग का आभास

1 min
249

कोई ना समझा अब तक जो वह अर्थ बताने आई हूं

कोविड जो संदेशा लाया वह समझाने आई हूं


बहुत हुआ प्रदूषण तुम्हारा अब फैलाओ शुद्ध हवा

पवन गुरु यह कहते हमसे उम्र रहेगी तभी जवां


पिता पानी यह कहते हमसे जल को मत करो गंदा

जिससे जल प्रदूषित हो करते ही क्यों हो ऐसा धंधा


प्लास्टिक का बंद करो उत्पादन और करो पेड़ों का रोपण

 धरती मां कहे पुकार पुकार अब तो समझो हे नादान


पवन पानी और धरती हमसे कहते रखो अपने शरीर का ध्यान

अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ दूसरे प्राणियों का भी करो मान


यह तो हम से प्रेम है करते फिर क्यों करें इनका दुरुपयोग

भूले थे हम मिल जुल कर रहना अब सीख रहे हैं करना सहयोग


वह वक्त भी आएगा जब कोविड चला जाएगा

याद रखेंगे सब इसका सबक कि निस्वार्थता यह सिखाएगा


काम क्रोध मद लोभ मोह जैसे विकार जो उपजे हैं अहंकार से 

भान भी ना होगा हमें और यह सब खत्म हो जाएंगे इस संसार से


नया सवेरा नया उजाला धरती पर सतयुग आएगा

हम सब से मिलने धरती पर अकाल पुरुष परमात्मा स्वयं आएगा


धरती हो जाएगी सत्य से भरपूर

अनोखा सा देश होगा कुछ ना पास होगा ना दूर


हर तरफ होगी संतुष्टि प्रेम और शांति

दीप्यमान हो हम सभी बिखेरेंगे निर्मल कांति।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract