स्त्री का जीवन
स्त्री का जीवन
स्त्री का जीवन भी बड़ा अजीब है साहिब,
जहां जन्म लिया बिटिया रानी कहलायी,
बाल्यावस्था से किशोरावस्था में क्या आयी,
दुनिया की नजरों में सयानी कहलायी,
स्त्री का जीवन भी बड़ा अजीब है साहिब,
जहां गई हर क्षण में नये नाम से कहलायी,
युवावस्था में विवाह हुआ तो फिर नाम बदला,
ससुराल में आकर बहूरानी कहलायी,
छोटे देवरों की शादी हुई महारानी कहलायी,
नटखट से प्रेम जो किया तो दीवानी कहलायी,
स्त्री का जीवन भी बड़ा अजीब है साहिब,
जहां गई हर क्षण में नये नाम से कहलायी,
राक्षसों का अत्याचार हुआ दुर्गा कल्याणी कहलायी,
उद्धार हेत् कलयुग में आयी बैष्णों रानी कहलायी,
तुम ही राम को विहायी सीता सावित्री कहलायी,
तुम्हीं ने कृष्ण को जन्मा तुम्हीं मां देवकी कहलायी,
स्त्री का जीवन भी बड़ा अजीब है साहिब,
जहां गई हर क्षण में नये नाम से कहलायी।
