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Saroj Garg

Abstract

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Saroj Garg

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सत पथ चलिए

सत पथ चलिए

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राम नाम देता ज्ञान, 

नाम सदा गुरु मान ,

राम ही करेंगे पार, 

सत पथ चलिए ।


जीवन में बहे सार ,

सागर करेंगे पार, 

राम-राम मन धार ,

राम सदा जपिए ।।


विनय करेंगे आज ,

रूप तेरा रहा साज,

क्षमा करें मुझे नाथ ,

प्रेम रंग भरिए।


राम राम राम कहें, 

सीताराम नाम कहें, 

जय सिया राम कहे,

रूप मन धरिए ।।



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